"कुत्ते भौंकते हैं, टाइगर शिकार करता है" – उद्धव ठाकरे पर एकनाथ शिंदे का बड़ा हमला

 "कुत्ते भौंकते हैं, टाइगर शिकार करता है" – एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला, महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी गर्मी



महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने शिवसेना (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray पर निशाना साधते हुए कहा, "कुत्ते भौंकते हैं, लेकिन टाइगर शिकार करता है।" शिंदे का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज है और शिवसेना के दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है।

क्या है पूरा मामला?


हाल के दिनों में शिवसेना (UBT) के कुछ नेताओं और सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की खबरें सामने आई थीं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के कुछ नेता भविष्य में बड़ा कदम उठा सकते हैं। इसी संदर्भ में जब पत्रकारों ने एकनाथ शिंदे से सवाल किया, तो उन्होंने अपने जवाब में "टाइगर" वाली टिप्पणी की।

शिंदे ने कहा कि जो लोग केवल बयानबाज़ी करते हैं, वे शोर मचाते रहते हैं, जबकि असली खिलाड़ी काम करके दिखाते हैं। उनका इशारा साफ तौर पर विपक्ष और उद्धव ठाकरे गुट की ओर माना गया।


शिवसेना में जारी है सियासी संघर्ष

साल 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी टूट के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह बदल गई थी। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कई विधायक अलग हुए और बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई। इसके बाद से ही शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच राजनीतिक संघर्ष लगातार जारी है।

दोनों गुट खुद को असली शिवसेना साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव आयोग के फैसलों और अदालतों में चली लंबी कानूनी लड़ाइयों के बाद भी राजनीतिक टकराव खत्म नहीं हुआ है।

संजय राउत का पलटवार

शिंदे के बयान के बाद शिवसेना (UBT) सांसद Sanjay Raut ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए शिंदे पर निशाना साधा और वफादारी तथा राजनीतिक मूल्यों की बात उठाई।

राउत ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर सही फैसला करेगी। उनके बयान के बाद दोनों गुटों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई।


महाराष्ट्र की राजनीति पर असर


विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस तरह की बयानबाज़ी और बढ़ सकती है। शिवसेना के दोनों गुट अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में जुटे हैं और हर बयान का सीधा असर कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर पड़ रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि उद्धव ठाकरे गुट में किसी प्रकार की नई टूट होती है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं ठाकरे गुट का दावा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और विपक्ष के दावे केवल राजनीतिक प्रचार हैं।

एकनाथ शिंदे का "कुत्ते भौंकते हैं, टाइगर शिकार करता है" वाला बयान महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। इस बयान ने न केवल राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है, बल्कि शिवसेना के दोनों गुटों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को भी उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह सियासी जंग और तेज हो सकती है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थकों को संदेश देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

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