छत्तीसगढ़ में मानसून ने दी दस्तक, अगले कुछ दिनों में होगी झमाझम बारिश; किसानों के चेहरे खिले
रायपुर। भीषण गर्मी और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार और तेज होने की संभावना है। मानसून के आगमन से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं क्योंकि अब खरीफ फसलों की बुवाई का काम तेजी से शुरू हो सकेगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में राज्य के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और मौसम सुहावना बना रहेगा।
कई जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, धमतरी, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
सरगुजा और अंबिकापुर में बढ़ेगी बारिश
उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में भी मानसून सक्रिय हो चुका है। अंबिकापुर, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिले में अगले कुछ दिनों के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा था। बादलों की आवाजाही बढ़ गई थी और तापमान में भी कमी आने लगी थी। अब मानसून के सक्रिय होने के बाद क्षेत्र में लगातार बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
किसानों के लिए राहत की खबर
छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर करती है। मानसून के आगमन के साथ ही किसानों ने धान सहित अन्य खरीफ फसलों की तैयारी शुरू कर दी है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बार मानसून सामान्य रहता है तो धान उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। राज्य के कई इलाकों में किसान पहले से ही खेतों की जुताई और बीज की व्यवस्था कर चुके हैं। अब पर्याप्त बारिश होने पर बुवाई का कार्य तेजी से शुरू होगा।
तापमान में आएगी गिरावट
मानसून की सक्रियता के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है।
राजधानी रायपुर सहित कई शहरों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इससे दिन और रात दोनों के तापमान में कमी आएगी।
बस्तर में अच्छी बारिश के संकेत
बस्तर संभाग में मानसून का प्रभाव सबसे पहले देखने को मिलता है। मौसम विभाग के अनुसार जगदलपुर, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर क्षेत्रों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में नदियों और जलाशयों का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
बारिश और आकाशीय बिजली को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले मैदानों में मोबाइल फोन का उपयोग कम करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी लेते रहने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
इस साल कैसा रहेगा मानसून?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष छत्तीसगढ़ में सामान्य से बेहतर बारिश होने की संभावना है। यदि मानसून लगातार सक्रिय बना रहता है तो राज्य के जलाशयों, बांधों और भूजल स्तर को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे कृषि के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था में भी सुधार होगा।
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के दौरान कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। इसलिए प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

