पैडी ट्रांसप्लांटर तकनीक अपना रहे किसान, धान रोपाई में समय और लागत दोनों की बचत, उत्पादन में भी बढ़ोतरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। कृषि विभाग और राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के सहयोग से अब किसान पारंपरिक तरीके को छोड़कर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के किसान पैडी ट्रांसप्लांटर तकनीक के माध्यम से धान की रोपाई कर रहे हैं। इस नई तकनीक से रोपाई का समय काफी कम हो गया है, मजदूरी पर होने वाला खर्च घटा है और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
पलारी विकासखंड के किसानों ने अपनाई आधुनिक तकनीक
वर्तमान खरीफ सीजन में विकासखंड पलारी के ग्राम सकरी (स) के प्रगतिशील किसान लेखराम साहू और बहोरन साहू अपने खेतों में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई कर रहे हैं। दोनों किसानों का कहना है कि आधुनिक तकनीक अपनाने से खेती पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और किफायती हो गई है।
किसान लेखराम साहू ने बताया कि पहले मजदूरों के माध्यम से धान की रोपाई कराने में 2 से 3 दिन का समय लगता था और प्रति एकड़ लगभग 5,000 से 6,000 रुपये तक खर्च आता था। अब पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से एक एकड़ की रोपाई केवल 2 से 3 घंटे में पूरी हो जाती है। इसके अलावा लगभग 2,000 रुपये प्रति एकड़ की लागत की बचत भी हो रही है।
उन्होंने बताया कि मशीन से सीधी कतारों में रोपाई होने के कारण पौधों को समान दूरी मिलती है, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होती है और फसल अधिक स्वस्थ रहती है।
पैडी ट्रांसप्लांटर के प्रमुख लाभ
कृषि विभाग के अनुसार पैडी ट्रांसप्लांटर तकनीक किसानों के लिए कई तरह से लाभकारी साबित हो रही है। इसके प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं—
एक दिन में 6 से 8 एकड़ तक धान की रोपाई संभव।
रोपाई में लगने वाला समय काफी कम।
मजदूरी पर होने वाले खर्च में कमी।
रोपाई के मौसम में मजदूरों की कमी की समस्या से राहत।
खेत में पौधों की समान दूरी होने से बेहतर विकास।
आधुनिक खेती को बढ़ावा और अधिक उत्पादन की संभावना।
उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि 12 से 15 दिन की उम्र वाले पौधों की रोपाई उचित दूरी पर की जाए, तो फसल का विकास बेहतर होता है। पौधे से पौधे और कतार से कतार की वैज्ञानिक दूरी बनाए रखने से पौधों को पर्याप्त पोषण और धूप मिलती है। इससे कीट एवं रोगों का प्रकोप भी कम होता है तथा धान के उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
आधुनिक कृषि की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
राज्य शासन और कृषि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और कृषि यंत्रों पर अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम अब गांवों में दिखाई देने लगा है, जहां किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अधिक से अधिक किसान पैडी ट्रांसप्लांटर जैसी तकनीकों का उपयोग करेंगे, तो खेती की लागत घटेगी, उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

