Rohit Sharma ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास, ODI शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने; सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी छोड़ा पीछे
Sports Desk | CGTV.in
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसका इंतजार भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को दशकों से था। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा ने शानदार शतक जड़ते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। इसके साथ ही वह लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर वनडे अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सहित कई दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
क्रिकेट की दुनिया में लॉर्ड्स को "होम ऑफ क्रिकेट" कहा जाता है। इस मैदान पर शतक लगाना हर बल्लेबाज का सपना होता है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में आज तक कोई भी खिलाड़ी वनडे प्रारूप में यहां शतक नहीं लगा पाया था। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे दिग्गज भी इस उपलब्धि से दूर रहे। अब रोहित शर्मा ने इस लंबे इंतजार को खत्म करते हुए इतिहास रच दिया है।
भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था और टीम को कप्तान से बड़ी पारी की जरूरत थी। रोहित शर्मा ने शुरुआत से ही सकारात्मक रवैया अपनाया। उन्होंने नई गेंद का शानदार तरीके से सामना किया और इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों को बेहतरीन टाइमिंग के साथ चौके-छक्के लगाए। शुरुआती ओवरों में संभलकर खेलने के बाद रोहित ने अपनी पारी की रफ्तार बढ़ाई और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए।
जैसे-जैसे रोहित का स्कोर आगे बढ़ता गया, स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों का उत्साह भी बढ़ता गया। उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद भी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और शानदार अंदाज में तीन अंकों का आंकड़ा छू लिया। शतक पूरा होते ही पूरा लॉर्ड्स स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भारतीय ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भी कप्तान की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खड़े होकर उनका स्वागत करते नजर आए।
रोहित शर्मा की यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं थी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। वह लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने इस मैदान पर कई यादगार पारियां खेलीं, लेकिन वनडे शतक नहीं बना सके थे। इसी तरह विराट कोहली, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और एमएस धोनी जैसे दिग्गज भी इस रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पाए थे। अब रोहित शर्मा ने इस सूची में सबसे ऊपर अपना नाम दर्ज करा लिया है।
इस ऐतिहासिक शतक के साथ रोहित शर्मा ने कई अन्य रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। उन्होंने विदेशी सरजमीं पर सबसे अधिक वनडे शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन को भी जारी रखा। पिछले कुछ वर्षों में रोहित ने बड़े मुकाबलों में लगातार बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ओपनरों में शामिल किया है।
रोहित शर्मा की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनकी टाइमिंग और संयम रही। शुरुआत में उन्होंने गेंदबाजों को समझने का समय लिया और फिर धीरे-धीरे अपने पसंदीदा शॉट खेलने शुरू किए। पुल शॉट, कवर ड्राइव, स्ट्रेट ड्राइव और लॉन्ग-ऑन के ऊपर लगाए गए छक्कों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी बल्लेबाजी में अनुभव और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।
इस मुकाबले में रोहित शर्मा को दूसरे छोर से भी अच्छा सहयोग मिला। उन्होंने अपने साथी बल्लेबाज के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, जिससे भारत मजबूत स्थिति में पहुंचा। दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और रन गति को कभी धीमा नहीं होने दिया। यही साझेदारी भारत की जीत की मजबूत नींव साबित हुई।
रोहित शर्मा के इस शतक की क्रिकेट जगत में जमकर सराहना हो रही है। पूर्व क्रिकेटरों, विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी। कई पूर्व खिलाड़ियों ने इसे रोहित के करियर की सबसे बेहतरीन वनडे पारियों में से एक बताया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर बनाया गया यह शतक लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
भारतीय कप्तान पिछले कुछ समय से शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। बड़े टूर्नामेंटों और अहम मुकाबलों में उन्होंने लगातार जिम्मेदारी भरी पारियां खेली हैं। यही कारण है कि उन्हें मौजूदा दौर के सबसे सफल सफेद गेंद के बल्लेबाजों में गिना जाता है। लॉर्ड्स में लगाया गया यह शतक उनके करियर की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है।
रोहित शर्मा ने इस पारी के जरिए आलोचकों को भी करारा जवाब दिया है। पिछले कुछ समय से उनकी फॉर्म को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने बल्ले से साबित कर दिया कि बड़े मंच पर उनसे बेहतर बल्लेबाज बहुत कम हैं। कप्तान के रूप में भी उन्होंने एक बार फिर उदाहरण पेश किया कि दबाव की परिस्थितियों में टीम को कैसे आगे बढ़ाया जाता है।
भारतीय क्रिकेट इतिहास में लॉर्ड्स का हमेशा विशेष महत्व रहा है। इस मैदान पर कई यादगार जीत और ऐतिहासिक पल देखने को मिले हैं। अब रोहित शर्मा का यह शतक भी उन सुनहरे पलों में शामिल हो गया है, जिसे भारतीय क्रिकेट प्रशंसक वर्षों तक याद रखेंगे।
अगर भारत इस मुकाबले में जीत दर्ज करता है, तो रोहित शर्मा की यह पारी और भी खास मानी जाएगी। हालांकि परिणाम चाहे जो भी हो, लॉर्ड्स में बनाया गया यह शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। कप्तान रोहित शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात बड़े मंच और बड़े मुकाबलों की होती है, तो वह अपने बल्ले से इतिहास लिखना अच्छी तरह जानते हैं।

