Type Here to Get Search Results !

S Janaki को इलैयाराजा की भावुक श्रद्धांजलि, बोले- 'वह किसी से कम नहीं थीं', मेहनत से साबित की अपनी प्रतिभा

Admin

 

S Janaki को इलैयाराजा का भावुक सलाम, बोले- "वह किसी से कम नहीं थीं", मेहनत और प्रतिभा से बनाई अलग पहचान



भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी (S Janaki) को लेकर मशहूर संगीतकार इलैयाराजा (Ilaiyaraaja) ने एक भावुक बयान दिया है। उन्होंने एस. जानकी की गायकी, मेहनत और संगीत के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए कहा कि वह किसी से भी कम नहीं थीं और उन्होंने अपनी प्रतिभा को साबित करने के लिए हमेशा कड़ी मेहनत की।

इलैयाराजा और एस. जानकी की जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास की सबसे यादगार जोड़ियों में से एक मानी जाती है। दोनों ने मिलकर कई ऐसे गीत दिए, जो आज भी करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हुए हैं।

इलैयाराजा ने याद किया एस. जानकी का संघर्ष और समर्पण

इलैयाराजा ने कहा कि एस. जानकी की सबसे बड़ी खासियत उनकी मेहनत और सीखने की इच्छा थी। वह हर गीत को एक नई चुनौती की तरह लेती थीं और उसे पूरी भावना के साथ प्रस्तुत करती थीं।

उनके अनुसार, एस. जानकी केवल अपनी मधुर आवाज के लिए प्रसिद्ध नहीं थीं, बल्कि वह एक ऐसी कलाकार थीं जो गीत के भाव, शब्दों और संगीत को गहराई से समझती थीं।

उन्होंने अपनी कला को निखारने के लिए हमेशा मेहनत की और यही उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण बना।

एस. जानकी की आवाज में था जादू

एस. जानकी की आवाज में मिठास और भावनाओं की गहराई थी। वह खुशी, दर्द, प्यार और भावुकता जैसे हर एहसास को अपनी आवाज के जरिए दर्शकों तक पहुंचाने में सक्षम थीं।

उनकी गायकी की यही विशेषता उन्हें अन्य गायकों से अलग बनाती थी। जब वह कोई गीत गाती थीं तो ऐसा लगता था जैसे वह कहानी को अपनी आवाज के माध्यम से जीवंत कर रही हों।

पांच दशक से अधिक का शानदार संगीत सफर

एस. जानकी का संगीत सफर कई दशकों तक चला। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी समेत कई भाषाओं में हजारों गीत गाए।

अपने लंबे करियर में उन्होंने फिल्म संगीत को कई यादगार रचनाएं दीं। उनके गीतों ने अलग-अलग पीढ़ियों के श्रोताओं को जोड़ा और भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयां दीं।

उनकी लोकप्रियता केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश में उनके प्रशंसक मौजूद हैं।

इलैयाराजा और एस. जानकी की शानदार साझेदारी

जब भी भारतीय फिल्म संगीत की सफल जोड़ियों की बात होती है, तो इलैयाराजा और एस. जानकी का नाम जरूर लिया जाता है।

दोनों ने साथ मिलकर कई सुपरहिट गीत बनाए, जिनमें संगीत और आवाज का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। इलैयाराजा की धुनों को एस. जानकी की आवाज ने एक अलग पहचान दी।

उनके कई गीत आज भी संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं।

हर गीत में डाल देती थीं भावनाएं

एस. जानकी की खासियत थी कि वह किसी भी गीत को सिर्फ गाती नहीं थीं, बल्कि उसे महसूस करती थीं।

वह गीत के शब्दों के अर्थ को समझती थीं और उसी के अनुसार अपनी आवाज में भावनाएं लाती थीं। यही कारण है कि उनके गाए हुए गीत सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचते थे।

संगीत जगत में मिला बड़ा सम्मान

एस. जानकी को भारतीय संगीत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए कई बड़े सम्मानों से सम्मानित किया गया।

उन्होंने अपनी गायकी के जरिए यह साबित किया कि एक कलाकार की पहचान केवल उसकी लोकप्रियता से नहीं, बल्कि उसकी मेहनत, अनुशासन और कला के प्रति जुनून से होती है।

प्रशंसकों ने भी किया याद

इलैयाराजा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने एस. जानकी के पुराने गीतों को साझा किया और उन्हें भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बताया।

कई लोगों ने कहा कि एस. जानकी जैसी आवाजें बहुत कम देखने को मिलती हैं और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

भारतीय संगीत की अमर आवाज

एस. जानकी भारतीय संगीत की उन महान हस्तियों में शामिल हैं, जिनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

इलैयाराजा की श्रद्धांजलि यह दिखाती है कि एक महान कलाकार की पहचान उसकी प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि उसकी कला, मेहनत और समर्पण से होती है।

एस. जानकी के गीत आज भी लोगों को भावनाओं से जोड़ते हैं और भारतीय संगीत की दुनिया में उनकी जगह हमेशा खास रहेगी।

CgTv.In

CGTV.in पर पढ़ें भारत और दुनिया की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, टेक्नोलॉजी, मनोरंजन, बिजनेस, लाइफस्टाइल और वायरल ट्रेंड्स की विश्वसनीय जानकारी।