Gul Panag का ध्रुव राठी पर चढ़ा पारा, पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ ।


 


गुल पनाग ने यूट्यूब ध्रुव राठी के उस बयान की आलोचना की है, ज‍िसमें उन्‍होंने कहा था कि पीएम मोदी जहां भी जाएं, उन्‍हें जलील क‍िया जाना चाहिए। 'द फैमिली मैन' की एक्‍ट्रेस ने दो टूक शब्‍दों में ध्रुव राठी से कहा है कि 'ये कूल नहीं है' और आख‍िर में 'ये हमें ही कमजोर करता है।' बॉलीवुड एक्‍ट्रेस गुल पनाग ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की सोशल मीडिया पर क्‍लास लगा दी है। 'द फैमिली मैन' और 'पाताल लोक' की एक्‍ट्रेस का पारा यूट्यूबर के उस पोस्‍ट पर चढ़ा है, जिसमें उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'जहां भी जाएं, वहां जलील करने' जैसी बात की थी। 47 साल की गुल पनाग ने दो टूक शब्‍दों में कहा है कि 'ये कूल नहीं है।' उन्‍होंने कहा कि किसी को पसंद करना या नहीं पसंद करना अलग बात है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री, उस पद, कार्यालय का विदेशी धरती पर मजाक बनाना आख‍िर में हम यानी भारतीयों को ही कमजोर करता है। यह बातें गुल पनाग ने ध्रवु राठी के उस पोस्‍ट का जवाब देते हुए लिखा है, जो यूट्यूबर ने नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग वाले प्रकरण के बाद किया था। नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग उस समय चर्चा में आईं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही नॉर्वे के दौरे पर थे। ओस्लो में हेले ने प्रधानमंत्री से सवाल करने की कोशिश की। उन्होंने भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतंत्र पर सवाल उठाए हैं। लेकिन PM मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। इसके बाद सोशल मीडिया दो गुट में बंट गया। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री की आलोचना हुई, वहीं दूसरी ओर हेले लेंग भी लोगों के निशाने पर आईं। इसी कड़ी में ध्रुव राठी ने भी पत्रकार का समर्थन करते हुए X पर पोस्‍ट किया था। अब गुल पनाग ने ध्रुव राठी के उसी पोस्‍ट को री-पोस्‍ट करते हुए उस पर दो टूक जवाब दिया है। एक्‍ट्रेस ने लिखा है, 'ये कूल नहीं है। आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, किसी सरकार से सहमत नहीं हो सकते हैं, विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। 

ध्रवु राठी ने PM मोदी के ख‍िलाफ पोस्‍ट में क्‍या लिखा था

ध्रुव राठी ने 19 मई को X पर यह पोस्‍ट लिखा था, जिसके बाद मोदी समर्थकों ने उनकी आलोचना भी की थी। यूट्यूबर ने लिखा, 'मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह जलील किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद से, पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। एक नेता होने के नाते, पारदर्शिता और जवाबदेही की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में वे पूरी तरह नाकाम रहे हैं।'

गुल पनाग बोलीं- 

आखिर में ये हमें कमजोर करता है

एक्‍ट्रेस यहीं नहीं रुकीं। उन्‍होंने आगे लिखा, 'भारत के प्रधानमंत्री के कार्यालय, उस आदमी, उस ऑफिस और विदेश में वह जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना - मुझे ये सही बात या असहमति नहीं लगती। यह उन्हें, इस इंस्टीट्यूशन को और आखिर में हमें कमजोर करता

 है।'


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