Maa Behen - Movie Review

 Maa Behen Review: माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की फिल्म मां बहन ओटीटी पर आ गई है. इसे देखने की प्लानिगं है तो पहले इसका रिव्यू यहां पढ़ लीजिए.




फिल्म का नाम ही ऐसा है कि आप चौंक जाएं, और फिल्म की कास्टिंग ऐसी कि और चौंक जाएं. नेटफ्लिक्स पर फिल्म आई है मां बहन, नहीं ये गाली नहीं है, बल्कि एक मां और उनकी दो बेटियों की कहानी है. और फिल्म में हैं धक धक गर्ल माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और कंटेंट क्रिएटर धारणा. है ना चौंकाने वाली कास्टिंग, फिल्म के ट्रेलर ने उम्मीदें काफी ज्यादा बढ़ा दी थी, बल्कि ये फिर से जोर देकर कहा जा सकता है कि कुछ ज्यादा ही बढ़ा दी थी, ये फिल्म उन उम्मीदों को पूरा भी करती है लेकिन कितना, ये पूरा रिव्यू पढ़िए तो समझ आ जाएगा.

ये कहानी है एक मां रेखा यानि माधुरी दीक्षित और दो बेटियों तृप्ति और धाराणा यानि जया और सुषमा की, यानि रेखा जया और सुषमा, ये तीनों वैसे भी कुछ ना कुछ कांड करती रहती हैं. मोहल्ले में गजब की इमेज है, ऐसे में इनसे एक बड़ा कांड हो जाता है. इनके घर पर एक गुप्ता जी यानि रवि किशन का मर्डर हो जाता है, फिर क्या होता है, ये आपको नेटफ्लिक्स पर देखना होगा.

ये फिल्म ओटीटी के लिहाज से बहुत अच्छी है. आप आराम से घर पर नेटफ्किल्स एंड चिल कर सकते हैं. आपको अच्छा कंटेंट मिल रहा है जिसे देखकर आप एंटरटेन होंगे, ये फिल्म प्योर एंटरटेनमेंट है, इससे किसी तरह के मैसेज की उम्मीद मत कीजिएगा हां अगर मैसेज लेना चाहें तो ले भी सकते हैं लेकिन वो आपकी समझ पर है. मेकर्स ने सिर्फ एंटरटेनमेंट परोसा है, फिल्म शुरू से ही मुद्दे पर आ जाती है, अच्छे अच्छे कॉमिक सीन आते हैं, माधुरी का अंदाज आपको दीवाना बना देता है. हर किरदार अपने आप में कमाल लगता है. आप हंसते हैं, और आपको मजा आता है ,बीच बीच में फिल्म थोड़ा सा हल्की पड़ती है लेकिन फिर भी इसके किरदार आपको बांधे रखते हैं और आप एंड तक फिल्म देखते हैं और एन्जॉय करते हैं और इसकी मिस्ट्री जानना चाहते हैं. यहां मिस्ट्री से ज्यादा इन किरदारों की एक्टिंग और इनकी हरकतें ज्यादा एंटरटेनिंग हैं. इस फिल्म का ट्रेलर इतना ज्यादा अच्छा था कि उम्मीदें आसमान तक पहुंच गई थी. फिल्म ट्रेलर से थोड़ी कम अच्छी है, आप कह लीजिए कि ट्रेलर शानदार था और फिल्म काफी अच्छी है लेकिन ओटीटी के हिसाब से इसे एक बढ़िया टाइमपास एंटरटेनर कहा जाएगा जो लोग खूब पसंद करेंगे.

माधुरी दीक्षित ने कमाल कर दिया है, वो एक अलग अंदाज में नजर आती हैं, उनकी खूबसूरती आपको हैरान करेगी, दीवाना बनाएगी और उनका अंदाज आपका दिल जीत लेगा. माधुरी इस फिल्म की जान हैं, लेकिन इस फिल्म की खासियत ये है कि माधुरी के होने के बाद भी बाकी के किरदार असरदार हैं. तृप्ति डिमरी कमाल का काम कर गई हैं. यहां वो ग्लैमर का तड़का नहीं लगाती है.  अपने बदतमीज पति को सबक भी सिखाती हैं और अपनी मां के साथ मिलकर मजेदार खिचड़ी भी पकाती हैं. तृप्ति ने फिर साबित किया है कि वो परफॉर्मेंस वाले रोल बखूबी कर सकती हैं. धाराणा ने ये धारणा तोड़ दी कि कंटेंट क्रिएटर एक्टिंग नहीं कर सकते. बिल्कुल कर सकते हैं, और वो यहां कमाल हैं, वो इस किरदार में इस तरह से फिट हैं कि आप उनके अलावा किसी को इमेजिन ही नहीं सकते. रवि किशन तो कमाल करते ही हैं, यहां भी कर गए हैं. गीतांजलि कुलकर्णी ने भी काफी अच्छा काम किया है. उनका गुल्लक सीजन 5 भी आ रहा है. अरुणोदय सिंह बढ़िया हैं.

पूजा तोलानी की राइटिंग अच्छी है, हालांकि राइटिंग थोड़ी सी और धारदार होती तो ये और शानदार फिल्म बनती, फिल्म जहां बीच बीच में हल्की पड़ती है वहां राइटिंग पर और काम किया जा सकता था.  सुरेश त्रिवेनी का डायरेक्शन उम्दा है, वो मेरी सुलू से लेकर दलदल जैसा कमाल का कंटेंट बना चुके हैं और यहां वो एक अलग ट्रीटमेंट के साथ कुछ लेकर आए हैं. उन्होंने किरदारों को कमाल तरीके से इस्तेमाल किया. माधुरी के स्टारडम में कहानी को नहीं भूले और यही अच्छे मेकर की निशानी है.

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