छत्तीसगढ़ में मौसम का कहर! नदी-नाले उफान पर, कई जिलों में भारी बारिश; अगले 5 दिन IMD का बड़ा अलर्ट
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारी वर्षा के चलते कई छोटी-बड़ी नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि कई ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। लगातार बारिश के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।
कई जिलों में झमाझम बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
सरगुजा संभाग में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। अंबिकापुर में 24 घंटे के दौरान 102 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे लंबे समय से बारिश की कमी झेल रहे क्षेत्र को बड़ी राहत मिली है।
नदी-नाले उफान पर, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
लगातार बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर बह रहे हैं। कुछ ग्रामीण इलाकों में पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की खबरें भी सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों से तेज बहाव वाले नालों और पुलों को पार नहीं करने की अपील की है।
आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव दल भी तैनात किए जा सकते हैं।
अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और आसपास बने कम दबाव के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना रहेगा। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी और कुछ जगहों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है।
गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए राहत, लेकिन बढ़ी चिंता भी
लगातार बारिश से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। धान सहित अन्य फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है। हालांकि अत्यधिक बारिश की स्थिति में खेतों में जलभराव होने से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी है।
लोगों के लिए एडवाइजरी
नदी, नाले और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें।
मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों।
प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। लगातार हो रही बारिश से जहां जलस्रोतों में पानी बढ़ रहा है और किसानों को राहत मिली है, वहीं नदी-नालों के उफान पर आने से खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

