LPG e-KYC Last Date: 15 अगस्त तक हर हाल में कराएं e-KYC, नहीं तो गैस बुकिंग, डिलीवरी और सब्सिडी हो सकती है बंद
CGTV.in |
देशभर के करोड़ों एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। इंडियन ऑयल (Indane), भारत पेट्रोलियम (Bharat Gas) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas) जैसी तेल विपणन कंपनियों ने सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं से 15 अगस्त तक अपने एलपीजी कनेक्शन की e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। कंपनियों का कहना है कि समय सीमा के भीतर e-KYC नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को भविष्य में गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग, डिलीवरी और सब्सिडी जैसी सुविधाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
तेल कंपनियां लंबे समय से उपभोक्ताओं का सत्यापन अभियान चला रही हैं। इसका उद्देश्य फर्जी कनेक्शन समाप्त करना और सरकारी सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। इसके बावजूद अब भी हजारों उपभोक्ताओं ने अपना सत्यापन पूरा नहीं कराया है। ऐसे उपभोक्ताओं को लगातार SMS, कॉल और गैस एजेंसियों के माध्यम से e-KYC कराने की सूचना दी जा रही है।
क्यों जरूरी है e-KYC?
सरकार और तेल कंपनियों का मानना है कि कई स्थानों पर एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक गैस कनेक्शन या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कनेक्शन लिए गए हैं। e-KYC के माध्यम से आधार आधारित पहचान सत्यापित की जा रही है, जिससे केवल वास्तविक उपभोक्ताओं को ही एलपीजी सेवा और सब्सिडी का लाभ मिल सके।
e-KYC पूरा होने के बाद उपभोक्ता का आधार और गैस कनेक्शन आपस में सत्यापित हो जाता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेज संबंधी समस्या नहीं आती।
e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा?
यदि कोई उपभोक्ता 15 अगस्त तक e-KYC नहीं कराता है, तो उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इनमें शामिल हैं—
ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुकिंग में दिक्कत।
गैस सब्सिडी का भुगतान रुक सकता है।
गैस सिलेंडर की डिलीवरी में बाधा आ सकती है।
भविष्य में गैस कनेक्शन के सत्यापन तक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
कुछ क्षेत्रों में बिना सत्यापन के सिलेंडर जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है।
हालांकि अलग-अलग राज्यों और गैस एजेंसियों में प्रक्रिया में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन कंपनियां सभी उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द सत्यापन कराने की अपील कर रही हैं।
गैस बुकिंग बंद हो जाए तो क्या करें?
यदि किसी कारणवश ऑनलाइन गैस बुकिंग बंद हो जाती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ e-KYC पूरा करा सकते हैं। सत्यापन के बाद गैस सेवा दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।
e-KYC कराने की प्रक्रिया
e-KYC कराने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस वितरक या एजेंसी पर जाएं। वहां आधार कार्ड और पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा सत्यापन किया जाएगा। कई गैस कंपनियां मोबाइल ऐप के जरिए भी फेस e-KYC की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। पूरी प्रक्रिया में केवल कुछ मिनट का समय लगता है।
अब OTP से होगी गैस डिलीवरी
तेल कंपनियों ने कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडर वितरण के दौरान OTP आधारित सत्यापन भी लागू किया है। सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है। सही OTP बताने के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी की जाती है। इससे फर्जी डिलीवरी और गलत लाभार्थियों को रोकने में मदद मिलती है।
हजारों उपभोक्ताओं ने अब तक नहीं कराया सत्यापन
तेल कंपनियों के अनुसार, अधिकांश उपभोक्ताओं ने e-KYC पूरा कर लिया है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने सत्यापन नहीं कराया है। इन्हें लगातार अंतिम तिथि से पहले प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह
यदि आपके घर में इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस का घरेलू एलपीजी कनेक्शन है और आपने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, तो 15 अगस्त से पहले अपने नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर लें। इससे आपकी गैस बुकिंग, सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी जैसी सुविधाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी।
(नोट: e-KYC से संबंधित नियम और प्रक्रिया क्षेत्र एवं गैस कंपनी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। उपभोक्ता अपने संबंधित गैस वितरक से संपर्क कर नवीनतम जानकारी प्राप्त करें।)

