अनाथ और निराश्रित बच्चों को कौशल व रोजगार से जोड़ने की पहल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बैंकिंग और सामाजिक संस्थाओं के साथ की चर्चा
रायपुर, 06 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बाल देखरेख संस्थाओं में रह रहे अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने निवास कार्यालय में एक्सिस बैंक के भारत प्रमुख श्री विजय और कैटलिस्ट फॉर सोशल एसोसिएशन की भारत प्रमुख सुश्री स्मिता रांधे से मुलाकात कर बच्चों को कौशल विकास प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में एक्सिस बैंक के सीएसआर फंड के माध्यम से बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण देने और रोजगार से जोड़ने के लिए सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि अनाथ और निराश्रित बच्चों को केवल संरक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाला प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े और सम्मानजनक जीवन जी सके।
उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पहले सामुदायिक सहयोग के माध्यम से बाल संरक्षण एवं बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाले बच्चों के सामाजिक पुनर्वास के लिए यह पहल शुरू की गई थी। वर्तमान में प्रदेश के पांच जिलों में इसका सफल संचालन किया जा चुका है। अब इस योजना को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, सामाजिक संस्थाओं, कॉरपोरेट क्षेत्र और औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से बच्चों के समग्र विकास और प्रभावी पुनर्वास के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कौशल विकास, डिजिटल प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन और आत्मनिर्भर जीवन के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर एक्सिस बैंक के सीएसआर प्रभारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, संस्था के संचालक श्री दीपेश, राज्य प्रमुख श्री जिनेश सहित बैंक के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

